बुरा न मानों होली है

होली में बौराय के डिम्पल भौजी करें ठिठोली, देख अकेले जोगी जी ने रंग दी घघरा-चोली, रंग दी घघरा-चोली भगवा रंग अब मुझको भाय, अबकी बारी टिकट दिला दो, कुछ तो करो उपाय

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जीवन-पथ पर, धीरे-धीरे, राही पाँव बढ़ाए – एक गीत

वादे झूठे, कसमें झूठीं, झूठा प्रेम निभाया फिर भी न जानें, क्यों नहीं माने, ऐसा दिल भरमाया दिल की बातें, दिल ही जाने, कौन इसे समझाए जीवन-पथ पर, धीरे-धीरे, राही पाँव बढ़ाए

मुझपर अधिकार तुम्हारा – एक प्रेमगीत

तुम्हें याद है मंदिर में जब, हम पहली बार मिले थे तुमनें पलकें थीं झुकाई, अधरों पर फूल खिले थे बस एक झलक ने छेड़ी थी, मेरे दिल का इकतारा मेरे दिल का इकतारा