घर ही में बीवियों से खुराफ़ात सीखिए – हास्य मुक्तक

घर ही में बीवियों से खुराफ़ात सीखिए, कैसे करेंगे बॉस को बर्दास्त, सीखिए, बढ़ता है लॉक डाउन जो तो बढ़ने दीजिए, कूकिंग व राजनीति एक साथ सीखिए

आज घन घनघोर आए – Ode To The Cloud

कुछ परिंदे कोसते हैं भाग्य को, आँसू बहाकर, किन्तु बुलबुल नवसृजन की कल्पना मन में सजा कर, झूमकर यूँ गा रही है, चोंच में तिनका दबाए। आज घन घनघोर आए।

बुरा न मानों होली है

होली में बौराय के डिम्पल भौजी करें ठिठोली, देख अकेले जोगी जी ने रंग दी घघरा-चोली, रंग दी घघरा-चोली भगवा रंग अब मुझको भाय, अबकी बारी टिकट दिला दो, कुछ तो करो उपाय

जीवन-पथ पर, धीरे-धीरे, राही पाँव बढ़ाए – एक गीत

वादे झूठे, कसमें झूठीं, झूठा प्रेम निभाया फिर भी न जानें, क्यों नहीं माने, ऐसा दिल भरमाया दिल की बातें, दिल ही जाने, कौन इसे समझाए जीवन-पथ पर, धीरे-धीरे, राही पाँव बढ़ाए