मुझसे इंतकाम न ले – ग़ज़ल

प्यास की फिक्र तो कर, मुझसे मेरा जाम न ले
इतना बेदर्द न बन, बेरुखी से काम न ले

जरा सा हाथ लगा, गिर पड़ा तेरा गमला
बात छोटी सी है, तू मुझसे इंतकाम न ले

इस गम-ए-हिज़्र को बनने दे तू मेरा कातिल,
मुझपे मत तीर चला, सर पे ये इल्ज़ाम न ले

तुझसे खुशियां कोई अमीर मोल ले लेगा
दर्द बेशक दे मुझे, मुझसे कोई दाम न ले

लोग बेबात की ही बात बना लें न कहीं
अपने होठों से बेवक्त मेरा नाम न ले

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