मैं खारा जल बरसाता हूँ – Eye Speaks

जब इच्छाएँ मर जातीं हैं घनघोर निराशा छाती है प्रेषित करके शुभ-स्वप्नों को, आशा का दीप जलाता हूँ। मैं खारा जल बरसाता हूँ।।

आ गयीं यादें पुरानी – बचपन का गीत – An Ode To Childhood Memories

था हमारा घर कभी अब खंडहर, फैला अँधेरा खिड़कियों पर घोंसले थे और चिड़ियों का बसेरा चहचहाकर भोर में वो नींद से हमको जगातीं और कलरव साथ लेकर झूमता आता सवेरा खो गए वो हर्ष के छड़ पर बची उनकी निशानी। देख टूटे खंडहर को आ गयीं यादें पुरानी।।

इस तरह तुमने निहारा – गीत

रश्मि-रंजित धवल तन पर रेशमी परिधान तेरा ये मधुर मुस्कान तेरी फिर सुरीला गान तेरा लग रहा है दैव ने है स्वर्ग से तुमको उतारा। आज मन चंचल हुआ कुछ इस तरह तुमने निहारा।।

रेत पर पदचिन्ह तेरे – गीत

जिंदगी के रास्तों पर सैकडों दुश्वारियां हैं मुश्किलों से जूझने की क्या तेरी तैयारियाँ हैं पथ जरा समतल मिला तुम भूल बैठे कंटकों को लक्ष्य को पाने से पहले लाख जिम्मेदारियां हैं धैर्य खोकर चाहते हो भाग्य का चमके सितारा। रेत पर पदचिह्न तेरे और सागर का किनारा।।

मेरे बचपन का साथी था – गीत

जिसकी छाँव तले अपने पैरों पे चलना सीखा था, जिसकी गोदी में गिरने के बाद संभलना सीखा था, मेरे छुटपन के हर क्षण का, हर घटना का साखी था, वह पीपल का पेड़ नहीं, मेरे बचपन का साथी था।

तुम अंजलि में भर लेना – देशभक्ति गीत

मातृभूमि का कर्ज चढ़ा था उसको आज उतार चला तेरा साथ न दे पाया हूँ अब ये कर्ज़ उधार रहा बाकी है जो भी हिसाब सब अगले जन्म में कर लेना मैं कतरा-कतरा टपकूंगा, तुम अंजलि में भर लेना।