जहन्नुम से ख़बर उड़ने लगी है

जहन्नुम से ख़बर उड़ने लगी है वहाँ पर भीड़ अब बढ़ने लगी है उतरने की कोई सूरत नही है ख़ुमारी इस कदर चढ़ने लगी है

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यही फ़लसफ़ा है, यही जिंदगानी – एक गीत – You need someone

कोई भी न जानें मुकद्दर में क्या है यहाँ आदमी इक खिलौना बना है नहीं मंजिलों की खबर है किसी को, ये राहें दिखाती हैं आँखे सभी को मगर फिर भी इंसान रुकता कहाँ है भले कल की बातें न उसको पता है कहीं भागते ही न बीते जवानी यही फ़लसफ़ा है, यही जिंदगानी