मैं खारा जल बरसाता हूँ – Eye Speaks

जब इच्छाएँ मर जातीं हैं घनघोर निराशा छाती है प्रेषित करके शुभ-स्वप्नों को, आशा का दीप जलाता हूँ। मैं खारा जल बरसाता हूँ।।