जीवन-पथ पर, धीरे-धीरे, राही पाँव बढ़ाए – एक गीत

वादे झूठे, कसमें झूठीं, झूठा प्रेम निभाया फिर भी न जानें, क्यों नहीं माने, ऐसा दिल भरमाया दिल की बातें, दिल ही जाने, कौन इसे समझाए जीवन-पथ पर, धीरे-धीरे, राही पाँव बढ़ाए

कोई भी तिनका पास नहीं था – You’ve enough power to solve issues

​डूब रहा था दरिया में, कोई भी तिनका पास नहीं था। लिए हौसला दिल में अपने, साहिल को मैं देख रहा था, 'काम बहुत है बाकी अब भी' हाथ-पांव मैं फेंक रहा था, तट की ज़ानिब तैर रहा था, लहरों का भी साथ नहीं था, डूब रहा था दरिया में, कोई भी तिनका पास नहीं … Continue reading कोई भी तिनका पास नहीं था – You’ve enough power to solve issues

मैं गिला करूँ भी तो क्यूँ करूँ – Why I blame someone

वो मिला नहीं तो भी क्या हुआ, मैं गिला करूँ भी तो क्यूँ करूँ? जो नसीब में ही लिखा नहीँ, तो मैं क्या करूँ, तो मैं क्यूँ मरुँ? वो जुदा हुए, मेरी जिंदगी, न जुदा हुई, न ख़तम हुई, उन्हें फिर से पानें की ख्वाहिशें, मेरी चाहतें न दफ़न हुई, ये जो दिल है, उनका मुरीद है, मैं मना करूँ भी तो क्यूँ करूँ? वो मिला नहीं तो भी क्या हुआ, मैं गिला करूँ भी तो क्यूँ करूँ?

माँ की ममता – Mom! Let me apologize

व्यथित हृदय से शब्द निकलते, गीतों-ग़ज़लो में हैं ढलते, कुछ प्रकाश फैला देते हैं, दीप हमारे मन में जलते, किन्तु तुम्हारी राहों को मैं रौशन नहीं बना पाया, इतने सारे गीत लिखे पर तुमको नहीं सुना पाया।