‘शायर – Who Is The Poet’

The Poet

कलम उसके हाथ में कि जैसे तलवार हो, धँस जाती है कागज में और निकलती है तभी, पन्नों को खून में रँगने के बाद, और लोग शाबाशी देते हैं, उसकी आहों पर, वेदना पर, तड़प पर,