कोई नीलाम होता है – We Want Corruption Free India

​कहीँ पर प्यास होती है, कहीँ पर जाम होता है, यहाँ सत्ता की खातिर रोज कत्ले-आम होता है। कहीँ पर चंद रुपयों के लिए लंबी कतारें हैं, कहीँ अपराधियों का नोट का गोदाम होता है। कहीँ पर पार्टियों पर खर्च का ब्यौरा करोङो में, कहीँ रोटी की खातिर घर कोई नीलाम होता है।