माँ की ममता – Mom! Let me apologize

व्यथित हृदय से शब्द निकलते, गीतों-ग़ज़लो में हैं ढलते, कुछ प्रकाश फैला देते हैं, दीप हमारे मन में जलते, किन्तु तुम्हारी राहों को मैं रौशन नहीं बना पाया, इतने सारे गीत लिखे पर तुमको नहीं सुना पाया।