मैं बादल मेरा मुख मलीन – Cloud’s Pain

कैसे कह दूँ अस्तित्व नहीं अपने पर ही स्वामित्व नहीं हर रोज थपेड़े खाना है झोंकों के पाँव दबाना है मेरा गौरव भिक्षा मांगे पवनों की इच्छा के आगे बस यही बात तड़पाती है घनघोर निराशा लाती है जग में कोई मुझसा न दीन। मैं बादल मेरा मुख मलीन।।

मैं कौवा मुझको भी गाना – Crow Song

जब भी गीत सुनाना चाहूँ मन की बात बताना चाहूँ बुलबुल टोक मुझे देती है गाकर कोई मधुर तराना। मैं कौवा, मुझको भी गाना।।

आ गयीं यादें पुरानी – बचपन का गीत – An Ode To Childhood Memories

था हमारा घर कभी अब खंडहर, फैला अँधेरा खिड़कियों पर घोंसले थे और चिड़ियों का बसेरा चहचहाकर भोर में वो नींद से हमको जगातीं और कलरव साथ लेकर झूमता आता सवेरा खो गए वो हर्ष के छड़ पर बची उनकी निशानी। देख टूटे खंडहर को आ गयीं यादें पुरानी।।