मैं लाचार! Helpless Poet

घाव दुनिया ने दिया, इक टीस सीने में दबाए, और भीषण दामिनी को पुष्प-अधरों पर सजाए, मोहिनी मुस्कान है श्रृंगार, मैं लाचार!