मैं लाचार! Helpless Poet

घाव दुनिया ने दिया, इक टीस सीने में दबाए, और भीषण दामिनी को पुष्प-अधरों पर सजाए, मोहिनी मुस्कान है श्रृंगार, मैं लाचार!

वही उठता है जिसकी रूह में औकात होती है-मुक्तक संग्रह

अमीरों की जहाँ पर सल्तनत बर्बाद होती है, गरीबों के लिए बेहद ख़ुशी की बात होती है, जभी यह जिंदगी झकझोरती, बुनियाद हिलती है, वही उठता है जिसकी रूह में औकात होती है।

जिसे मै भीख कहता हूँ, उसे ईनाम कहते हो-मुक्तक संग्रह

अगर इंसानियत का बोझ मेरे सर नहीं होता, महल होता ये टूटी झोंपड़ी का घर नहीं होता, बहुत उचाईयों पर आसमां में उड़ रहा होता, परिंदे का अगर टूटा हुआ जो पर नहीं होता।

हक़ीक़त क्यों छुपाते हो – मुक्तक संग्रह

निगाहों से छलक जाती हक़ीक़त क्यों छुपाते हो, मैं जितना पास आता हूँ तुम उतना दूर जाते हो, कहीँ ऐसा न हो की सब्र का प्याला छलक जाए, मैं तुमसे प्यार करता हूँ, मुझे तुम आजमाते हो।

ये शहर है, यहाँ हर शख्स परेशान होता है – The reality of metro cities

इन ऊँची इमारतों में घर नहीं, मकान होता है, ये शहर है, यहाँ हर शख्स परेशान होता है। दुकानें सजीं है हर तरफ, पर क्या खरीदूँ मैं, यहाँ हर शख्स ख़ुशी तलाशता, फिर नाकाम होता है।

हम जलाएंगे दिए फिर आज उनको याद करके – A Tribute To The Indian Soldiers

कहना मुझे इतना की बस, 'जीवन-मरण सबका अटल, पर देश की खातिर मरा वह प्राण है कितना विमल, हे देश के प्रहरी सजग, तुम देश की आवाज हो, हर हृदय की धड़कन बने, माँ भारती की नाज़ हो।' तुम बने वह रौशनी जो घन तिमिर को मात कर दे, हम जलाएंगे दिए फिर आज उनको याद करके।

दीवाली की शुभकामना – Happy Diwali

श्री लक्ष्मी जी और गणेश, देते खुशियों का सन्देश, मिले रोशनी हर आँगन में, मिटे सभी दिलों से द्वेष। सबका जीवन मंगलमय हो, मंगलमय त्यौहार विशेष, मंगलमय हो साथ हमारा, मंगलमय अपना परिवेश। आप सभी को दीवाली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं...