‘परछाईं लिए बैठा हूँ – Following Shadows’ 

Following Shadows

अपने दिल की रुसवाई लिए बैठा हूँ मै समंदर की गहराई लिए बैठा हूँ। मातम मना रहे हैं सब उनके जाने का मै अपने घर में देखो शहनाई लिए बैठा हूँ। उनका सलाम करना, उफ़ वह लूटने का फन मै आज तक उस शख्स की परछाईं लिए बैठा हूँ। जज्बात की आंधी में उड़ने का … Continue reading ‘परछाईं लिए बैठा हूँ – Following Shadows’ 

‘मै नहीं बदला – I Never Changed ‘ 

Never Changed

दिल में इक शोर था पर नहीं दहला, वक्त बदला, मै नहीं बदला. बिजली की रौशनी से चकाचौध हर शहर, मैंने घर का दिया नहीं बदला . बरसों लगा रहा मै, मंजिल तलाशता, सबकुछ किया पर रास्ता नहीं बदला . Composed By Kaushal Shukla

‘जब मैंने साथी को पाया – Man Is The Puppet In The Hands Of Destiny’

You Can't Change The Destiny

जब मैंने साथी को पाया। दिल में मेरे उल्लास उठी, नस नस में उग्र प्रवाह उठी, मन मंदिर में जिसने आकर कर दी थी शीतल छाया, जब मैंने साथी को पाया। जब सबने मुझको छोड़ दिया, जब सबने नाता तोड़ दिया, वे थे विपत्ति के दिन मेरे जब भाग्य मुझे उस तक लाया, जब मैंने … Continue reading ‘जब मैंने साथी को पाया – Man Is The Puppet In The Hands Of Destiny’

‘जज्बा – India’s Massage To The World’

India's massage to the world

' वतन के काम आ जाएँ ', नहीं जज्बा अगर दिल में, फकत इक लाश है वो शख्स फिर बाकी बचा क्या है ?. तेरे नापाक हाथों में नहीं हिम्मत इसे छू ले, कि कसकर जांच ले फिर से तिरंगे में वजन क्या है ?... दिखा देंगे तुझे दुनिया हमारे देश की ताकत हमारे मुल्क … Continue reading ‘जज्बा – India’s Massage To The World’

‘चलते रहे…. Nothing can stop me’

The Way Continues

आंधियों ने जोर से झकझोर कर देखा मुझे, ग्रीष्म,वर्षा,शीत मुझको आजमाते ही रहे, किन्तु फिर भी कर सके ना आज तक विचलित मुझे, ठोकरें खाई मगर फिर भी संभल चलते रहे। मंजिलों से हो न हो इन रास्तों से प्यार है, आदमी बनने की ख्वाहिश, दर्द हर स्वीकार है, मानता हूँ डगमगाना भाग्य में मेरे … Continue reading ‘चलते रहे…. Nothing can stop me’

‘उपकार किया है – Why I Love You’

इस दुनिया की रंगीनी में कुछ श्वेत-श्याम से सपने थे, कुछ रिश्ते थे, कुछ नाते थे, कुछ लोग यहाँ पर अपने थे, जब मैं संकट में घिरा तभी ये भ्रम भी यूँ ही टूट गया, मेरे ढहते इस पर्णकुटी का फिर से जीर्णोद्धार किया है, तुमने मुझको अपनाकर जो प्यार दिया उपकार किया है।

‘मील का आखिरी पत्थर – The Massage Of The Milestone’ 

दीन-दुनिया छोड़कर ये राह तुमने ही गही थी, लाख खाई ठोकरें पर बात मानी जो सही थी, क्या अनोखी बात क्योकर आज तेरे पाँव डगमग, 'मैं अडिग चट्टान हूँ', यह बात तुमने ही कही थी, लक्ष्य के नजदीक आ मत लौटने का पथ विचारो, मील का मै आखिरी पत्थर जरा मुझको निहारो।

‘तुमको दुर्गा बनना होगा-Girls! Search Yourselves’

Girls! Search Yourselves

बस मोंम नहीं तुम ज्वाला भी ये सिद्ध आज करना होगा, हे भारत माँ की ललनाओ तुमको दुर्गा बनना होगा । इतिहास गवाही देता है पापी समाज उन्मत्त हुआ, तुम काली बन अवतरित हुई दुनिया को संकट मुक्त किया, अब तुम संकट में घिरी हुई खुद ही सब कुछ करना होगा, हे भारत माँ की … Continue reading ‘तुमको दुर्गा बनना होगा-Girls! Search Yourselves’