तुम्हे भूलकर गुनगुनाना पड़ेगा-ग़जल

कहीं लोग समझे न मैं गुमशुदा हूँ दिया अपने घर मे जलाना पड़ेगा कहीं मेरे अरमां बगावत न कर दें इन्हें दिल में जबरन दबाना पड़ेगा

यही फ़लसफ़ा है, यही जिंदगानी – एक गीत – You need someone

कोई भी न जानें मुकद्दर में क्या है यहाँ आदमी इक खिलौना बना है नहीं मंजिलों की खबर है किसी को, ये राहें दिखाती हैं आँखे सभी को मगर फिर भी इंसान रुकता कहाँ है भले कल की बातें न उसको पता है कहीं भागते ही न बीते जवानी यही फ़लसफ़ा है, यही जिंदगानी