आ गयीं यादें पुरानी – बचपन का गीत – An Ode To Childhood Memories

था हमारा घर कभी अब खंडहर, फैला अँधेरा खिड़कियों पर घोंसले थे और चिड़ियों का बसेरा चहचहाकर भोर में वो नींद से हमको जगातीं और कलरव साथ लेकर झूमता आता सवेरा खो गए वो हर्ष के छड़ पर बची उनकी निशानी। देख टूटे खंडहर को आ गयीं यादें पुरानी।।

मेरे बचपन का साथी था – गीत

जिसकी छाँव तले अपने पैरों पे चलना सीखा था, जिसकी गोदी में गिरने के बाद संभलना सीखा था, मेरे छुटपन के हर क्षण का, हर घटना का साखी था, वह पीपल का पेड़ नहीं, मेरे बचपन का साथी था।