प्रभात-सौंदर्य – Morning Beauty

किरण चली दुलारने, नए नए विहान को खगों की झुंड उड़ चली, विशाल आसमान को पुकारने लगा विहान, बाग दे रहा समय उठो तुम्हे है जागना, कि सूर्य हो गया उदय

मैं चमन का फूल हूँ – The Massage Of The Flower To The World

मैं चमन का फूल हूँ, कुचला गया तो क्या हुआ, हर तरफ फैली महक, मसला गया तो क्या हुआ। 'जिंदगी है जंग', मेरे रंग चढ़कर बोलती है, मेरी हर इक साँस सारे चमन में रस घोलती है, रौशनी हो या अँधेरा, मैं सदा खिलता रहा, ग्रीष्म, वर्षा, शीत का अनुभव मुझे मिलता रहा।

तूफ़ान की जानिब – The Journey against Storm

बड़े लोगों की ऊँचाई जो दिखती है, नहीं होती, दिखावे में चले आए हैं जीते, सच छुपाने को। हमीं हैं अन्न के दाता मगर फिर भी हमीं भूखे, किसानों ने कहा मायूस हो, अपने फ़साने को।

‘आधार न जाने क्या होगा? How To Be Positive Towards Relations’

Being positive towards relations

है आशा में विश्वास बहुत, तेरे मिलने की आस बहुत, यदि नहीं जगह इस धरती पर, उड़ने को यह आकाश बहुत, दुनियाँ की बातें कौन करे, ये जलती है तो जलने दो, अपने अंदर भी प्रेम भावना, पलती है तो पलने दो, तुम मिले अगर मेरे दिल का, उद्गार न जाने क्या होगा? इस दुनिया की निष्ठुरता का, आधार न जाने क्या होगा?

‘इतना भी तुम नीचे न गिरो -The Right Way Of Living’

The Right Way of Living

तुम जान गए ये सत्य सखे, जीवन की राह अधूरी है, पर तुममे जो छमता विशिष्ट, दिखलाना बहुत जरुरी है, फिर आँख मुंदने से पहले, जो कुछ होना है हो जाये, इतना भी तुम निचे न गिरो, उठाना ही दूभर हो जाये।

‘मील का आखिरी पत्थर – The Massage Of The Milestone’ 

दीन-दुनिया छोड़कर ये राह तुमने ही गही थी, लाख खाई ठोकरें पर बात मानी जो सही थी, क्या अनोखी बात क्योकर आज तेरे पाँव डगमग, 'मैं अडिग चट्टान हूँ', यह बात तुमने ही कही थी, लक्ष्य के नजदीक आ मत लौटने का पथ विचारो, मील का मै आखिरी पत्थर जरा मुझको निहारो।