मुझपर अधिकार तुम्हारा – एक प्रेमगीत

तुम्हें याद है मंदिर में जब, हम पहली बार मिले थे तुमनें पलकें थीं झुकाई, अधरों पर फूल खिले थे बस एक झलक ने छेड़ी थी, मेरे दिल का इकतारा मेरे दिल का इकतारा

इल्ज़ाम तुम्हारे सर होगा – I’m Innocent

मुस्कान तुम्हारी कातिल है, नागिन जुल्फें लहरातीं हैं, बस एक झलक ही काफी है, सम्मोहित सी कर जाती है। यदि मैं आपा खो बैठूं फिर अंजाम तुम्हारे सर होगा, मुझको दीवाना करने का इल्ज़ाम तुम्हारे सर होगा।

‘तुम किधर हो – It’s Time To Share Love’

It's time to share love

चार दिन की चांदनी में, दो दिवस ऐसा निकालो, है तमन्ना तुम मुझे कुछ, स्नेह दे दो, स्नेह पा लो, खो न जाए ये उजाला, फिर अँधेरे में सफ़र हो, चार दिन की जिंदगी है, मैं यहाँ हूँ, तुम किधर हो?