छलावा काहे का – चार मुक्तक

देख गिरी दीवार, धमाका मेरा है इस प्रदेश का सीएम, काका मेरा है जुबां हिलाने से पहले यह तय कर ले मेरी है सरकार, इलाका मेरा है

कोई रहनुमा चाहिए – मुक्तक संग्रह – Required a torch-bearer

पीठ ठोकी मेरी, और क्या चाहिए, मंजिलों का मुझे बस पता चाहिए, खुद-ब-खुद रास्ते पर चला आऊँगा, आप सा बस कोई रहनुमा चाहिए...