‘तुम कहाँ कुछ सोचते हो-Try To Be Faithful’

Try To Be Faithful

तुम कहाँ कुछ सोचते हो ! दीन-दुनिया की कही कोई खबर तुमको नहीं थी छोड़ करके चल दिए जो बांह संकट में गही थी ठोकरें खाकर समय की आज माथा ठोकते हो ! तुम कहाँ कुछ सोचते हो ! बात अधिकारों की तुमने खूब सोची खूब जाना अपने हित की बात करना शोर करना गुल मचाना आज इस … Continue reading ‘तुम कहाँ कुछ सोचते हो-Try To Be Faithful’