कभी आंधी, कभी बवंडर दिखाई देता है – A New Classification Of Poetry

We may classify the poetry as  1- Serious poetry 2- Semi serious poetry 3- Light poetry With above reference the first one is the outcome of the deep insight of the poet in any subject, incident or any thing else, on the other hand second type starts in light way, may be the imitation of an art. But some times it effects more strongly than serious one, specially when the expressed emotion be naturalized.

‘नादान बने फिरते है लोग – There Is No Face Behind Mask’

There Is No Face Behind Mask

नादान बने फिरते है लोग। चलना-फिरना, पीना-खाना, सोकर जगना फिर सो जाना, यह तो लक्षन चौपायों के, इंसान बने फिरते है लोग, नादान बने फिरते है लोग। धोखा देना उसने जाना, जीवन का मूल्य न पहचाना, ऊँची कीमत पर बिकने का, सामान बने फिरते हैं लोग, नादान बने फिरते हैं लोग। जब दुःख में हो … Continue reading ‘नादान बने फिरते है लोग – There Is No Face Behind Mask’

‘रफ़्तार की कीमत -Experience Of Daily Life’

1- यहाँ रफ़्तार की कीमत है गाड़ियों की नहीं मेरी स्पीड बढ़ने दे चैन पूलिंग कम कर दे। 2- मेरी रफ़्तार देखनी हो अगर मेरे इंजन में मालगाड़ी के डिब्बे जोड़ दे। उफ़ ये इंसानो का वजन और हर हार्ट पे ठहरना है, फिर चैन पूलिंग ने स्पीड रोक रखी है 3- उनके मरने की … Continue reading ‘रफ़्तार की कीमत -Experience Of Daily Life’

‘दहाड़ना शुरू कर दे – Now Start Roaring’

Some Hindi Couplet

1- आदत सुधारने की कोशिस बहुत किए, इंसानियत की लत मगर फिर भी कहाँ छूटी.... 2- कतारें लंबी हैं, मसले भी बड़े होंगे, सिलेंडर बट रहा होगा या लोग किरोसिन के लिए खड़े होंगे.... 3- तेरी हर बात बड़े कायदे से सुनी जायेगी, बस भौकना छोड़ कर, दहाड़ना शुरू कर दे... 4- वह गरीब है … Continue reading ‘दहाड़ना शुरू कर दे – Now Start Roaring’