​मुझे यह जिंदगी आवाज़ देती है – ग़ज़ल

नहीं रखा है इस संदूकची में हार हीरों का, अगर कुछ है, मेरे महबूब के हाथों की पाती है। अजब यह कश्मकश का दौर है, अंधी सियासत का, वही हालात है, सरकार आती है या जाती है। मैं शायद ना रहूँ कल को, मेरे अल्फ़ाज़ तो होंगे, यही कुछ सोचकर मेरी कलम यूँ दनदनाती है।

​आज आँधी की बहुत संभावना है – The time speaks

​आज आँधी की बहुत संभावना है, और मेरा छप्परों से घर बना है। घाव देने की मुझे आदत नहीं है, इसलिए हर आदमी से सामना है।

वक्त का थप्पड़ बहुत शख्त जान होता है – Time is the great leveler

हमसफ़र चाहिए अगर, ग़मों से दोस्ती कर लो, ख़ुशी का पल तो दो पल का मेहमान होता है। मेरी मानों तो इसका मिसाल मत ढूंढो, वक्त का थप्पड़ बहुत शख्त जान होता है।